IAS साक्षात्कार परीक्षा में कैसे पाएं प्रथम प्रयास में सफलता !

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IAS साक्षात्कार परीक्षा में कैसे पाएं प्रथम प्रयास में सफलता

IAS साक्षात्कार परीक्षा में कैसे पाएं प्रथम प्रयास में सफलता : UPSC CSE मुख्य परीक्षा आयोजित की जा चुकी है और इस परीक्षा में सफल रहने वाले उम्मीदवार आयोग द्वारा आयोजित पैनल इंटरव्यू के दौर से गुजरेंगे। जिसमें उम्मीदवारों का व्यक्तित्व परिक्षण का टेस्ट लिया जाएगा। वस्तुतः सामान्य मान्यता यह है कि इंटरव्यू के दौरान अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है, जिसमें आयोग द्वारा चयनित इंटरव्यू बोर्ड के सदस्यों द्वारा उम्मीदवारों से मौखिक प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनका उत्तर भी उम्मीदवार को मौखिक रूप में ही देना होता है।

सिविल सेवा परीक्षा में इंटरव्यू के लिये कुल 275 अंक निर्धारित हैं। सामान्य रूप से देखें तो मुख्य परीक्षा के अंकों (1750 अंक) की तुलना में इस चरण के लिये निर्धारित अंक कम अवश्य हैं लेकिन अंतिम चयन एवं पद निर्धारण में इंटरव्यू के अंकों की विशेष भूमिका रहती है।

 

IAS साक्षात्कार परीक्षा में कैसे पाएं प्रथम प्रयास में सफलता !

सामान्यत: जिस कसौटी पर इंटरव्यू में अंक तय होते हैं, वह सिर्फ यह है कि उम्मीदवार की उपस्थिति में बोर्ड के सदस्यों ने कैसा महसूस किया? उन्हें इंटरव्यू का समय पूरा करने के लिये संघर्ष करना पड़ा या उन्हें पता ही नहीं चला कि समय कब गुज़र गया। उन्हें सिर्फ बताने का मौका मिला या कुछ नया सीखने का भी? उन्हें रोचकता का अनुभव हुआ या नीरसता का? उन्हें उम्मीदवार के उत्तरों में घिसी-पिटी बातें मिलीं या कुछ नया और मौलिक भी मिला? उन्हें उम्मीदवार डींगें हाँकने वाला और झूठा लगा या ईमानदारी से अपनी कमियाँ स्वीकार लेने वाला विनम्र और सच्चा व्यक्ति लगा? ये सब चीज़ें मिलकर उस अनुभूति या ‘मूड’ का निर्माण करती हैं जो उम्मीदवार का परिणाम तय करता है।

सबसे अधिक महत्त्व होता है उम्मीदवार के नज़रिये का, अर्थात् किसी मुद्दे पर वह कितने व्यापक और संतुलित तरीके से सोच पाता है, किसी नई और तात्कालिक समस्या को सुलझाने के लिये सही और त्वरित निर्णय कर पाता है या नहीं, मुद्दे के व्यावहारिक और सैद्धांतिक पक्षों और उनके अंतर्संबंधों को कितनी गहराई से समझ पाता है इत्यादि।

उम्मीदवारों को हमारा यह सुझाव है कि आप जब भी किसी विवादास्पद मुद्दे पर विचार करें तो तटस्थ होकर उसके दोनों पक्षों की गहराई में जाएँ। विचार करते समय अपने हितों और नुकसानों को चेतना पर हावी न होने दें। कागज़ पर वह विषय लिखकर दो हिस्सों में पक्ष और विपक्ष के तर्क व तथ्य नोट करें। ज़्यादा तर्क न सूझें तो इंटरनेट का सहारा लें। दोस्तों से उस मुद्दे पर वाद-विवाद या विमर्श करें। अंत में दो तीन वाक्यों में अपनी राय लिख लें।

UPSC साक्षात्कार बोर्ड में, आमतौर पर पांच सदस्य होते हैं। पैनल के केंद्र में बैठे अध्यक्ष के साथ वरिष्ठ अधिकारियों/शिक्षाविदों, मनोवैज्ञानिकों, प्रतिष्ठित व्यक्तित्व आदि सम्मिलित होते हैं।

बुनियादी बातें-

  • साक्षात्कार आजकल व्यक्तित्व परीक्षण के रूप में जाना जाता है। इसका कारण यह है कि यह ज्ञान का परीक्षण नहीं है अपितु यह उम्मीदवार/अभ्यर्थी के समग्र व्यक्तित्व का परिक्षण है।
  • साक्षात्कार मात्र मनोवैज्ञानिक परीक्षण न होकर उससे उपरी स्तर का होता है जो केवल अध्ययन सामग्री-आधारित नहीं होता। इसमें कोई संदेह नहीं है कि ज्ञान, अच्छा संचार कौशल के साथ आत्मविश्वास आपको एक मजबूत आधार प्रदान करता है। हालांकि, यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि लगभग सभी उम्मीदवार/अभ्यर्थी व्यक्तित्व परीक्षण के शुरूआती समय कम से कम ज्ञान के क्षेत्र के लगभग बराबर होते हैं।
  • यह स्मरण रहें की किसी से भी यह उम्मीद नहीं की जाती की वह सब कुछ जनता हो। अतः अगर आपको किसी विशेष प्रश्न का उत्तर नहीं पता है, तो यह कहने में संकोच न करें – मुझे पता नहीं है, सर / मैम ! हालांकि यह ध्यान रखें कि “मुझे पता नहीं है कि सर / मैम” को भी आत्मविश्वास के साथ उचित मात्रा में उत्साह के साथ कहा जाना चाहिए।

याद रखें – आपके ज्ञान स्तर को सिविल सेवा परीक्षा के शुरुवाती चरण – जैसे प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के दौरान अच्छी तरह से जांचा गया है।

  • हमेशा याद रखें कि साक्षात्कार एक जिरह प्रक्रिया (क्रॉस एग्जामिनेशन) नहीं है, अपितु यह एक प्राकृतिक, उद्देश्यपूर्ण बातचीत है।
  • मुख्य परीक्षा के लिए भरने वाले फॉर्म की फोटोकॉपी को अपने साथ रखें। इंटरव्यू बोर्ड के सदस्य इसी फॉर्म की जानकारियों के आधार पर आपसे सवाल-जवाब करते हैं और आपका मूल्यांकन करते हैं। शुरुवात के अधिकांश प्रश्न- जैसे आपके नाम का अर्थ क्या है, शैक्षिक पृष्ठभूमि, पेशेवर अनुभव, शौक आदि क्या हैं –से होते हैं जो आपके भरे इसी फ़ॉर्म पर आधारित होता है। अपना बायो-डेटा तैयार करने का प्रयास करें; लगभग 70% प्रश्न बायो-डेटा पर आधारित होते हैं, 20% प्रश्न आपके विषय पर आधारित होते हैं और 10% मौजूदा मामलों पर आधारित होते हैं।

साक्षात्कार का उद्देशय

बोर्ड आपमें निश्चित लक्षणों की जांच करेगा – जैसे:

  • ईमानदारी और शराफत,
  • तार्किक तर्क,
  • राय का संतुलन,
  • नेतृत्व कौशल,
  • मानसिक सतर्कता और जवाबदेही
  • विषय में आपकी रूचि और विविधता
  • धीरज
  • दृढ़ता और प्रतिबद्धता
  • सामाजिक एकता,
  • नैतिक अखंडता,
  • आपकी प्रज्ञा, एक अजीब स्थिति में आपकी प्रतिक्रिया, विभिन्न विषयों पर आपके विचार

तथ्य जो आपको बनाएंगे साक्षात्कार में सफल

साक्षात्कार के दौरान आप निम्नलिखित 7 बातों का ध्यान अवश्य रखें। यह बुनियादी आवश्यक बातें हैं जिसका आपको सफलता पाने के लिए अनुशरण करना चाहिए।

फर्स्ट इम्प्रैशन

पहली छाप (फर्स्ट इम्प्रैशन) के विषय में एक सामान्य कहावत है, “पहली छाप अंतिम छाप है।” इस घटना को देखते हुए, आपके लिए यह जरूरी है कि आप साक्षात्कारकर्ताओं के दिमाग में अच्छा प्रभाव डालें। पहली छाप या उसके बाद के इंप्रेशन से साक्षात्कारकर्ताओं
को आपके विषय में अपनी धारणा बनाने में मदद मिलती हैं। यह धारणा आपके व्यक्तित्व की संपूर्णता के आधार पर बनाई जाती है जो आपके द्वारा साक्षात्कार के कमरे में प्रवेश करने और शुरुवाती कुछ मिनटों के भीतर साक्षात्कारकर्ताओं के साथ संवाद करने के तरीकों में परिलक्षित होता है।

शारीरिक हाव-भाव (बॉडी लैंग्वेज)

शारीरिक भाषा मौखिक संचार का हिस्सा है। वास्तव में, जब हम किसी से मौखिक रूप से संवाद करते हैं, तो हमारी शारीरिक भाषा हमारे शब्दों की तुलना में बहुत पहले बोलती है। साक्षात्कारकर्ता आपके व्यवहार को तत्क्षण नोटिस कर सकते हैं। यह सच है की आप अपने बोलने वाले शब्दों को अपने शारीरिक हाव-भाव से और दमदार बना सकते हैं।

शांत और विनम बने रहें

आपको साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान शांत और विनम्र बने रहना होगा। यहां तक कि अगर एक साक्षात्कारकर्ता द्वारा किसी भी किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति बनाई जाए (जानबूझकर आपके धैर्य-परीक्षण का आंकलन करने हेतु) तब भी आप शांति के साथ विनम्रता का साथ न छोड़े।यदि आप अपने अहंकार को बचाने के लिए क्रोधित हो जाते हैं तो आपको बेहद भावुक व्यक्ति माना लिया जाएगा। यदि आप इस समय भी विनम्र बने रहें  हैं तो यह परिलक्षित होगा कि आप खुले और सुलझे दिमाग के व्यक्ति हैं और दूसरे के नजरिए का सम्मान करते हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति में आप अपना आपा नहीं खोते।

संचार कौशल

संचार कौशल अपने विचार व्यक्त करने और दूसरों के विचार को ध्यानपूर्वक सुनने की क्षमता के रूप में मापा जाता है। प्रायः उम्मीदवार को बात करने या उत्तर देने हेतु उत्सुक पाया जाता है। लेकिन आपका जबाब तभी प्रासंगिक होंगा जब आपने उचित रीति से जवाब दिया हो। आपसे जो पूछा गया है वह महत्पूर्ण हैं न की आप जो जानते हैं। इसीलिए आप बरगलाने का प्रयास न करें। किसी प्रश्न का उत्तर न आने पर आत्मविश्वास के साथ स्पष्ट रूप से इसे स्वीकारें। पहले पुरे प्रश्न को सुने उसके पश्चात अपनी बात रखें, प्रश्न के बीच में बोलने का प्रयास न करें।

व्यावहारिक बुद्धि

किसी भी व्यक्ति के लिए सामान्य एवं आस-पास का ज्ञान बहुत ही महत्वपूर्ण है। तात्पर्य यह है कि आप अपने परिवेश के बारे सतर्क रहें। अपने आस-पास घटित होने वाली महत्पूर्ण जानकारी का ध्यान रखें, आप उससे कुछ सीखे और अपने जीवन में उससे कुछ बदलाव लायें। आप इसे कैसे सीख सकते हैं और आप इसे कैसे लागू करने में सक्षम हैं।
व्यवहारिक बुद्धि के उत्तर तत्व हैं:

  • जवाब सवाल में ही है
  • हास्यवृत्ति की प्रकृति
  • नकारात्मक प्रश्न का सकारात्मक जवाब
  • रचनात्मक सोच के साथ उत्तर
  • असामान्य जवाब तर्क द्वारा समर्थित
  • नियमित अभ्यास व्यवहारिक बुद्धि को विकसित कर बेहतर ढंग से इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित करती है
  • व्यवहारिक बुद्धि से भ्रमात्मक सवालों के लिए एक सरल लेकिन प्रभावशाली व्यवहारिक जवाब देना चाहिए

मॉक साक्षात्कार अवश्य दें

सिविल सेवा परीक्षा के लिए वास्तविक साक्षात्कार में उपस्थित होने से पहले, आप मॉक साक्षात्कार में अवश्य प्रतिभाग करें। इससे आप अपने आप का मूल्यांकन कर सकेंगे और जान पाएंगे की लोग आपको कैसे ‘रेटिंग’ करते हैं। आप इसे समूह में भी कर सकते हैं और इसके लिए कोचिंग इंस्टीट्यूट की मदद भी ले सकते हैं। ‘मॉक साक्षात्कार’ का मूल उद्देश आत्मविश्वास हासिल करना है न की यह हासिल करना या जानना है कि साक्षात्कार बोर्ड के सामने कैसे व्यवहार करें।

अंतिम इंप्रेशन भी अच्छा रखें

अंतिम इम्प्रेशन अच्छा बनाने के लिए यह आवश्यक है कि आप थोड़े अंतर के साथ पहली छवि बनाने वाली बातों को अपनाएँ। आम तौर पर साक्षात्कार पैनल के अध्यक्ष उम्मीदवार को “धन्यवाद” कहकर साक्षात्कार ख़त्म करते हैं और शुभकामनाएं भी ज्ञापित करते हैं बंद कर देते हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। आप भी उसका प्रति उत्तर धन्यवाद ज्ञापन कर अवश्य दें।

यहां हम अपने लेख को समाप्त करते हैं और आशा करते हैं की यह लेख आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा।

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9 COMMENTS

    • आपने मुख्य परीक्षा जिस भाषा में दी होगी, उसी भाषा में आपका साक्षात्कार भी आयोजित किया जाएगा

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