IAS मुख्य परीक्षा 2017 केस स्टडी: सामान्य अध्ययन पेपर-IV

IAS मुख्य परीक्षा 2017 केस स्टडी: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन पेपर-4 में कुछ केस स्टडी के प्रश्न शामिल होते हैं जिसमें एक सवाल किया जाता है जिसका उम्मीदवारों को अपनी तर्कशक्ति का इस्तेमाल करते हुए सही जवाब देना होता है। इस तरह के केस स्टडी से जुड़े प्रश्न का मक़सद आपकी उस समझ को जानना होता जिसमें ऐसी स्थिति आने पर आप प्रशासनिक तौर पर देश हित में क्या बेहतर फैसला ले सकते हैं। UPSC को यह बात बहुत अच्छी तरह से पता है कि एक छात्र के पास ये शक्ति नहीं है लेकिन अगर उसका चयन एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर किया जाए तो उस वास्तविक स्थिति में वो क्या फैसला लेगा, सरल शब्दों में कहें तो ऐसे प्रश्नों का सीधा मतबल आपकी बुद्धि परीक्षण से होता है।

हालांकि, समाधान की तुलना में आपके उत्तर की संरचना ज्यादा मायने रखती है। एक केस स्टडी के प्रश्न का जवाब देना सामान्य अध्ययन के प्रश्न को हल करने के समान नहीं है। इसलिए, आपको बता दें कि केस स्टडी के प्रश्न का जवाब देते समय थोड़ा हटकर सोचें फिर जवाब लिखें। कुछ दिनों पहले, उम्मीदवारों की मांग पर, हमने पिछले वर्ष के प्रश्नों के आधार पर एक संभावित प्रश्न आपके समक्ष उठाया था जिसमें सभी उम्मीदवारों को जवाब देने के लिए आमंत्रित किया था। हमारे आज के इस लेख में हमने भारतीय प्रशासनिक सेवा की मुख्य परीक्षा के केस स्टडी से संबंधित प्रश्न के जवाब को आपसे साझा किया है।

IAS मुख्य परीक्षा 2017 केस स्टडी – OnlineTyari

केस स्टडी प्रश्न

रवि और राम्या, एक नवविवाहित जोड़ा, सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में एक ही कंपनी में शामिल हुए। उन्हें एक ही टीम लीडर के अधीन रखा गया। टीम लीडर ने रवि की पत्नी के साथ हंसी-मजाक करना प्रारंभ कर दिया। उसने रवि के ऊपर काम का बहुत सारा दबाव डालकर उसे भी परेशान करना प्रारंभ कर दिया। रवि और राम्या, दोनों ने ही कंपनी के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किये थे।

रवि, अब राम्या से नौकरी छोड़कर घर पर रहने के लिए कह रहा है। राम्या की टीम लीडर के साथ केवल दोस्ती है और वह उसे सीधा-साधा समझती है। हालांकि, वह इस बारे में रवि को बता चुकी है, लेकिन रवि किसी भी कीमत पर उसकी नौकरी छुड़ाना चाहता है। कुछ महीनों बाद, राम्या को पदोन्नति मिल गयी जबकि रवि को नहीं मिली। राम्या को दूसरी टीम का टीम लीडर बना दिया गया और वह अब मैनेजर को रिपोर्ट करती है जो कि पहले उसका टीम लीडर था। इन घटनाओं ने पहले रवि को उदास कर दिया और फिर उसने अपनी पत्नी पर शक करना प्रारंभ कर दिया। हालांकि, राम्या हमेशा रवि के लिए वफादार रही।

प्रश्न: यदि आप रवि और राम्या के स्थान पर होते, तो आप क्रमश: क्या करते? (200 शब्दों में)

OnlineTyari के रूप में जवाब

रवि के रूप में, अपनी पत्नी की उससे बॉस के साथ बातचीत और उसके बाद उसकी पदोन्नति को लेकर मुझे महसूस होने वाली असुरक्षा के बारे में, मैं अपनी पत्नी से खुलकर बात करता। मैं उससे यह भी कहता कि मैं उस पर बहुत विश्वास करता हूं और केवल उसका अच्छा चाहता हूं और मुझे इस बात की भी खुशी है कि उसे पदोन्नति मिली है, लेकिन मुझे उसके बॉस (मेरे पूर्व टीम लीडर) के इरादे बिलकुल भी ठीक नहीं लगते हैं और इसीलिए मैं चाहता हूं कि वह मेरी भावनाओं पर विश्वास करें और अपने बॉस से दूर रहे। क्योंकि ये शायद उसके बॉस को गलत सन्देश दे रहा है, जो कि उसके दोस्ताना स्वभाव का गलत अर्थ निकाल रहा था। इसके अलावा, मेरे मन में असुरक्षा की भावना के कारण, यह हमारे व्यक्तिगत संबंधों को नुकसान पहुंचा रहा है। यदि वह नौकरी छोड़ने के लिए तैयार नहीं है, तो यह सबसे अच्छा संभव निष्कर्ष होगा।

राम्या के रूप में, मैं अपने पति को अपने मित्रतापूर्ण स्वभाव के बारे में समझाती जिसका मतलब इससे ज्यादा और कुछ भी नहीं है। अपने पति की बातों को धैर्यपूर्वक सुनकर और अपनी नवीनतम पदोन्नति को ध्यान में रखकर उसे समझते हुए, मैं अपने पति की असुरक्षा की भावना के बारे में यही कहूंगी कि यह केवल उनकी विचार प्रक्रिया को और मुश्किल बना देगा। चूंकि मैं अपनी नौकरी नहीं छोड़ना चाहती, मैं अपने पति पर विश्वास करते हुए, अपने बॉस के साथ अपनी बातचीत को केवल प्रोफेशनल लेवल तक ही रखूंगी। यह मेरे पति के आत्मविश्वास को बढ़ाएंगे। हालांकि, उसके इस गहरे पक्षपात को लेकर मैं उससे सीधे शब्दों में अपनी स्वतंत्रता, गरिमा और पसंद के बारे में बात करूंगी और तथ्य यह कि अविश्वास किसी भी मामले में सहायता नहीं करेगा। इसीलिए, बिना किसी पूर्वाग्रह के उसे मुझसे और खुलकर बात करनी चाहिए।

इस प्रश्न का उत्तर OnlineTyari द्वारा पोस्ट किया गया था।

IAS मुख्य परीक्षा 2017 के केस स्टडी पर आधारित प्रश्नों के जवाब के लिए टिप्स

इस तरह के प्रश्न के जवाब में उम्मीदवार का व्यक्तित्व की निम्नलिखित झलक दिखती है:

  1. आप दुविधाओं की स्थितियों में सकारात्मक समाधान प्रदान कर सकते हैं।
  2. यही कारण है कि आपको इस समाधान को लागू करने की जल्दी है।
  3. आपका समाधान नियमों और विनियमों के भीतर है जिनकी अपेक्षा एक प्रशासनिक स्तर के अधिकारी से की जाती है।
  4. आप जटिल स्थितियों में सिचुएशन को संभालने में सक्षम हैं।
  5. आप अपने समाधान में ईमानदारी, निष्पक्षता, निष्पक्षता के मूल्यों को प्रदर्शित कर पाएंगे।
  6. यही कारण है कि आप योग्य मामलों में दया, सहानुभूति दिखाएंगे।
  7. आप, सार्वजनिक कर्तव्य के एक उच्च भावना के अधिकारी हैं जोकि सार्वजनिक सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
  8. आपको सिविल सेवा के प्रमुख के मूलभूत मूल्यों की समझ है।

अंत में, हम यही कहना चाहेंगे कि नैतिकता पर आधारित केस स्टडी के प्रश्नों को पहले हल करें उसके बाद सामान्य अध्ययन प्रश्नों को हल करें। IAS परीक्षा के केस स्टडी के प्रश्नों को हल करने के लिए सक्रिय दिमाग, और एक बेहतर सोच की बहुत आवश्यकता होती है।

हमें उम्मीद है कि यह लेख आपको केस स्टडी से जुड़े प्रश्नों को हल करने में आपके लिए मददगार साबित होगा। UPSC सिविल सेवा परीक्षा भर्ती परीक्षा 2017 से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहें। सिविल सेवा परीक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए, सर्वश्रेष्ठ IAS परीक्षा तैयारी ऐप नि:शुल्क डाउनलोड करें।

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