IAS मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र विषय से संबंधित संभावित प्रश्न

IAS मुख्य परीक्षा के राजनीति विज्ञान से संबंधित संभावित प्रश्न: प्रत्येक वर्ष लाखों उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा के लिए उपस्थित होते हैं। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने हाल ही में, आगामी UPSC IAS मुख्य परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। IAS मुख्य परीक्षा का आयोजन 28 अक्टूबर 2017 को किया जायेगा।

इस लेख के माध्यम से हम IAS मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र विषय से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को सूचीबद्ध कर रहे हैं। उम्मीदवारों को यह सलाह दी जाती है कि वे आगामी IAS मुख्य परीक्षा के राजनीति विज्ञान विषय की प्रभावी रूप से तैयारी करने के लिए इन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक देखें।

IAS मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र विषय से संबंधित संभावित प्रश्न

IAS मुख्य परीक्षा के वैकल्पिक विषय समाजशास्त्र की परीक्षा 9 दिसम्बर को आयोजित की जायेगी। यहां पर, हम IAS मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र विषय के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को सूचीबद्ध कर रहे हैं।

  1. समाजशास्त्रियों ने अन्य सामाजिक विज्ञान के विषय से प्रकृति और उनके अनुशासन के दायरे में फर्क की समस्या को हल करने का किस प्रकार प्रयास किया। समझाइए ?
  2. परिपक्व पूंजीवाद के उदय में कैल्विनवादी नैतिकता की भूमिका का वेबर के विश्लेषण से संकेत लेते हुए, समाजिक परिवर्तन पर (a) आर्थिक स्थिति तथा (b) मूल्यों और विचारों के सापेक्ष प्रभाव पर चर्चा कीजिये।
  3. संगठनों के औपचारिक और अनौपचारिक संरचनाओं के मध्य अंतर बताइए तथा यह भी समझाइए कि औपचारिक संगठनों की कुछ समस्याओं को इस अंतर के रूप में किस तरह से बेहतर समझा जा सकता है।
  4. ‘सामाजिक स्तरीकरण’ को परिभाषित कीजिये तथा इस विचार का गंभीरता से परीक्षण कीजिये कि मार्क्स ने संतुष्टि की संरचना को, उत्पादन के साधनों पर नियंत्रण करके, एक कारक तक कम कर दिया है।”
  5. जैविक एकजुटता यांत्रिक एकजुटता से किस प्रकार अलग है? क्या श्रम का जैविक विभाजन अधिक प्रभावी है? अपने विचारों को उदाहरणों के साथ व्यक्त कीजिये।
  6. शक्ति, प्रतिष्ठा और अधिकार के मध्य अंतर बताइए। किन विभिन्न तरीकों से एक अधिकार वैधता प्राप्त कर सकता है? एक बदलते समाज को वैद्यता के संकट का सामना क्यों करना पड़ता है?
  7. रिवार और रिश्तेदारी में तकनीकी विकास और परिवर्तन के बीच संबंध बताइए। तकनीकी विकास के संबंध में समान, अमेरिका और जापान में विभिन्न प्रकार रिश्तेदारी प्रणाली का आप किस वर्णन करेंगे?
  8. समाजशास्त्र विषय के संबंध में सामाजिक तथ्य और सामाजिक कार्रवाई को परिभाषित कीजिये और इस प्रकाश डालिए। ऐसे विषय के वैज्ञानिक अध्ययन में क्या समस्याएं हैं? क्या इसे पूरी तरह से वैज्ञानिक रूप से पढ़ा जा सकता है?
  9. डेटा संग्रह की तकनीक के रूप में अवलोकन और साक्षात्कार के मध्य अंतर बताइए। किस संदर्भ में इनके उपयोगों की सिफारिश की जाती है? उनकी निष्पक्षता और वैधता के संबंध में उनके गुण और दोष बताइए।
  10. कुछ लेखकों द्वारा यह सिद्ध करने के लिए कौनसे तर्क दिए गए हैं कि भारत में जाति व्यवस्था अजीब है तथा कुछ अन्य लेखकों द्वारा यह प्रदर्शित करने के लिए कौनसे तर्क दिए गए हैं कि यह विश्व के अन्य भागों में एक प्रत्यक्ष सार्वभौमिक घटना है।
  11. कुछ लेखकों का कहना है कि जाति व्यवस्था, समाज में, एकता और सद्भाव में योगदान करती है, जबकि कुछ अन्य लेखक यह सोचते हैं कि यह एक शोषक व्यवस्था है। इस तरह के अलग-अलग विचारों के लिए आधार क्या हैं?
  12. पारंपरिक भारतीय समाज में, संयुक्त परिवार, जाति व्यवस्था और गांव समुदाय के बीच अंतर्संबंधों का विश्लेषण कीजिये तथा प्रदर्शित कीजिये कि इसका विशेष आर्थिक संगठनों और मूल्य प्रणाली द्वारा किस प्रकार समर्थन किया जाता है।
  13. परंपरागत रूप से, भारत में पिता-अधिकार वाले समाज में विवाह, महज एक पुरुष और एक स्त्री के मध्य एक मिलन नहीं होता है, अपितु एक स्त्री का उसके पिता के घर से उसके पति के घर में स्थायी स्थानांतरण होता है। इस अवलोकन की पुष्टि करने के लिए आप विवाह और परिवारों में किन प्रथाओं को प्रस्तुत कर सकते हैं?
  14. भारत के एक धर्मनिरपेक्ष राज्य और समाज होने के दावे का परीक्षण कीजिये। भारत में मानी जाने वाली धर्मनिरपेक्ष राज्य की अवधारणा, एक वैज्ञानिक अवधारणा के रूप में समाज में धर्मनिरपेक्षता का प्रसार करती है।
  15. 19 वीं और 20 वीं सदी के भारत में प्रमुख सामाजिक सुधार आंदोलनों का एक संक्षिप्त ब्यौरा दें। उन्हें अतीत के इस प्रकार के आंदोलनों से किस प्रकार और क्यों मौलिक रूप से अलग माना जा सकता है?
  16. कार्यात्मक विश्लेषण में प्रमुख तत्व क्या हैं? क्या यह फ्रेमवर्क, सामाजिक घटना के अध्ययन के लिए इसके दृष्टिकोण में रुढ़िवादी और कट्टरपंथी है। अपने उत्तर की पुष्टि कीजिये।
  17. “सामाजिक असमानताओं”, “सामाजिक पदानुक्रम” और “सामाजिक असमानताओं के स्थायीकरण” की अवधारणाओं के मध्य अंतर बताइए। ये विशेषताएं सामाजिक स्तरीकरण के विभिन्न रूपों में किस प्रकार प्रकट होती है?
  18. परिवार किन मायनों में एक प्राथमिक समूह है? एक और परिवार की प्रकृति और कार्यों के बीच सामंजस्य का परीक्षण कीजिये तथा दूसरी ओर बदलते समाज में राज्य की प्रकृति और कार्यों के बीच सामंजस्य का परीक्षण कीजिये?
  19. “नौकरशाही” और “कुलीन तंत्र” की प्रमुख विशेषताओं को बताइए। क्या अप सोचते हैं कि वे सभी आधुनिक समाजों का हिस्सा बन गए हैं? यदि हाँ, तो क्यों? उदाहरण देते हुए अपने उत्तर की पुष्टि कीजिये।
  20. प्रोटेस्टेंट नैतिक और पूंजीवाद की भावना” पर वेबर के शोध का विश्लेषण कीजिये। इस शोध के प्रकाश में क्या आपको लगता है कि सभी धर्मों में सामजिक परिवर्तन की सुविधा है? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिये।
  21. अनुभवजन्य प्रमाणों के आधार पर परीक्षण कीजिये कि क्या जातियां, सामाजिक वर्गों में विकसित हो रही हैं? आप जातिवाद को किस प्रकार समझायेंगे?
  22. वर्तमान में भारतीय परिवार के रूप, संरचना और कार्य पद्धति में परिवर्तन का वर्णन कीजिये। क्या इसे ग्रामीण-शहरी विरोधाभास के मामले में समझा जा सकता है? अपने दृष्टिकोण को समझाइए।
  23. शैक्षिक असमानता के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों को इंगित कीजिये? इन परिस्थितियों की दृष्टि से, आपको अनुसूचित जाति की शैक्षिक समस्याओं के समाधान के लिए कौनसी मानक उचित लगते हैं?
  24. भारत में प्रमुख धार्मिक श्रेणियों के बीच स्तरीकरण प्रणालियों और वैचारिक पैटर्न की तुलना  कीजिये। पृष्ठभूमि के विरुद्ध धार्मिक रूपांतरण की समस्या का मूल्यांकन कीजिये।
  25. पारंपरिक भारतीय गांव में किस संदर्भ में एक ‘समुदाय’ थे? उस समुदाय पर सामुदायिक विकास कार्यक्रम के प्रभाव को इंगित कीजिये?
  26. जाति और धर्म के रूप में सामाजिक सांस्कृतिक विशेषताओं में ग्रामीण-शहरी मतभेद का वर्णन कीजिये तथा आर्थिक और राजनीतिक व्यवहार पर इनके प्रभाव को इंगित कीजिये?
  27. जब नव-प्रत्यक्षवाद समाजशास्त्र मानक को कम देता है , तब व्यावहारिकता अर्थ की ओर ध्यान देती है। आप इस विचार से किस हद तक सहमत हैं? क्या व्यावहारिकता गतिशील सामाजिक प्रक्रियाओं की व्याख्या कर सकती है?
  28. औद्योगीकरण के सामाजिक निर्धारकों का विश्लेषण कीजिये। क्या औद्योगीकरण, समाज में समानता और संतुलित विकास का मार्गदर्शन करता है?
  29. वैधता, समकालीन समाज में अभिजात वर्ग के हाथ में एक शक्तिशाली साधन है। क्या आप इस विचार से सहमत हैं? किन स्तरों पर सत्तारूढ़ अभिजात वर्ग में लोकतांत्रिक और एकदलीय समाज में उनके अधिकार को वैधता प्राप्त कोशिश की है?
  30. जाति व्यवस्था पर संरचनात्मक दृष्टिकोण क्या है? क्या यह शुद्ध और अशुद्ध के विरोध पर आधारित स्थितियों के एक पदानुक्रम के रूप में इस प्रणाली का वर्णन करने के लिए एक अति सरलीकरण नहीं है?

उम्मीदवारों को यह सलाह दी जाती है कि वे आगामी IAS मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र विषय की प्रभावी रूप से तैयारी करने के लिए इन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक देखें।

इन महत्वपूर्ण प्रश्नों के द्वारा IAS मुख्य परीक्षा के वैकल्पिक विषय समाजशास्त्र की तैयारी कीजिये। यहां हम अपने इस लेख को समाप्त करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि ये प्रश्न सभी प्रकार से आपकी सहायता करेंगे।

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